वोट बैंक की राजनीति तो हमारे देश में आम बात है वो भी अब जब लोकसभा चुनाव सर पर है। लेकिन वोट बैंक पाने के लिए जब हमारे माननीय नेता किसी भी हद तक गिर जाते हैं, तब हमें महसूस होता है कि हमारा देश क्यों अभी भी पिछङा हुआ है।

अभी हाल में ही राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी छवि रखने वाले मुलायम सिंह यादव ने शक्ति मिल बलात्कार कांड पे बयान दिया कि लड़के तो लड़के हैं, उनसे गलती हो जाती, इसके लिए उनकों फाँसी थोड़ी हीं देनी चाहिए । मुलायम सिंह जी का यह बयान उन अनगिनत लोगों कि  सोच को व्यापक स्तर पे दर्शाता है जो स्त्री जाति को अभी भी तुच्छ और खेलने की वस्तु मानते हैं। और क्यों नही माने आखिर इस पुरूष प्रधान समाज में औरत की हैसियत हीं क्या है? और अगर किसी स्त्री पर बलात्कार जैसा मामूली जूर्महोता है तो वह उनकी खुद की गलती से होता है और इसके लिए उन्हें फाँसी पे लटकाना चाहिए ना कि उन लड़कों को जिनसे ये नादानी हुई है।ऐसी हीं कुछ सोच सपा के एक और माननीय नेता अबू आजमी जी कि भी हैं जिन्होने मुलायम जी के बयान का समर्थन किया है।

सपा सुप्रीमो के हिसाब से नए बलात्कार हिंसा कानून से पुरूषों को बहुत परेशानी हुई है। कोई भी औरत मर्दों पे इल्जालगाकर उनकी इज्जत गिरा सकती वो भी उस देश में जहाँ हर दो मिनट दो-तीन स्त्रियों की इज्जत लूटी जाती है।

और इन नेताओं का वादा है कि अगर वे सता में आ गए तो वे इस कानून को बदल देंगे। अब हमारे देश के ऐसे हीं महान सोच रखने वाले नौजवानों को इंतजार है कि कब ये नेता सता में आऐंगे और उनका कल्याण करेंगे।