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About Aishwary Verma

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So far Aishwary Verma has created 6 blog entries.

बत्ती तो मैंने बुझा दी…

By |August 24th, 2017|

बत्ती तो मैंने बुझा दी
मगर अन्दर की आग मुझे सोने नहीं देती
कितने उतार देख लिए
ये चढ़ाव की आस मुझे रोने नही देती
टिक-टिक करता समय चल रहा
धीरे धीरे दिन बदल रहा
दिन बिता फिर आज रात आयी
बत्ती तो मैंने बुझा दी
मगर अन्दर की आग कैसे बुझाएँ

खोया हूँ मगर तलाश रहा
आज चुप होकर ख़ुद को जाँच रहा
वक़्त ने […]

सपनों का सफ़र …

By |August 28th, 2016|

अक्सर ..आँखे मूँद कर सपने बुनते है हम

आँखें  खुलते  एक-एक  कर  चुनते  है  हम
कुछ  बटोर  लिया, कुछ  फ़िजूल  गए
सपनों  को  सपना  समझ  हम  भूल  गए…

हवाओं  की  गुनगुनाहट  कानों  को  छूतीं  गुजर  जा  रही  है
दुनिया  को  देखने  की  फुरसत  क्षितिज  तक  जा  कर  ठहर  जा  रही  है
हर  मौसम  हर  मंज़र  को  समेटने  में  ये  ज़िन्दगी […]

सोच रहा था मैं …

By |February 3rd, 2016|

आँखें  सूखी  थी, मन  रोता  रहा

किस्मत  भूखी, मैं  सोता  रहा

मन  तो  उठने  को  कहता  रहा, जरूर  आलस्य  ताकतवर  होगा  

सोच  रहा  था  मैं

क्षण  दो  बाद  उठूँ, फिर  भी  पैरों  तले  ज़मीन  सिर  पे  अम्बर  होगा

आँखें   खुली  तो  देखा  एक  पहर  बीत  चुका  था 

चलना  शुरू  किया  तो  देखा  एक  शहर  बीत  चुका  था

सुबह  का […]

मैं राही उस रास्ते का…

By |December 10th, 2015|

मैं  राही  उस  रास्ते  का  जो  मंजिल  तक  ले  जाती  है
मैं  अजनबी  उस  महफ़िल  का  जो  मंजिल  भूला  जाती  है
चलते – चलते  मैं  थकता  नही
ज़ख्म  जो  नासुर  हुआ , दूसरों  को  छोड़ो  मुझे  भी  दिखता  नही 
कितने  मोड़  आये , न  जाने  कितने  पड़ाव
मैं बर्तन का पानी हो गया , कहीं छूट गया लहरों […]

चलते – चलते…

By |December 6th, 2015|

यूँ  ही  चलते  चलते  मै  भूल  जाता हूँ
कहाँ  जाना, किसे  पाना  बस  यादें  तेरी  बटोर  मै  लाता  हूँ
तुम्हें  चाहता  कि  चारों  ओर  तुम्हें  मै  पाता  हूँ
पास  जाकर  न  होने  पे  तेरे,  खुद  को  पागल  बताता  हूँ
मेरी  ये  ख़ामोशी  सबको  सुनाता  हूँ
हर  कोशिश  मे  सुनते  सब  है…फिर  भी  खुद  को  अकेला  मै  पाता  हूँ
तुम  होती  हो […]

What happened…

By |December 5th, 2015|

Dear diary
                  4 dec, I have something new to share with you …help me to figure it out…#what happened
He held her tight in his arms and so did she. Each of them were eager to merge with each other. A couple of minutes later, he cupped her […]