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अगले जन्म मोहे बिटिया ना कीजो

By |July 27th, 2014|

माँ ये अच्छा होता,
जो तु मुझे जन्म घड़ी ही मार देती,
तो आज तेरी दमिनी के दामन पे
ये कलंक न होता ।
उस समय मैं अबोध थी ।
मैं चुप-चाप मर जाती
पर, आज मैं अकेले तिल-तिल के नहिं मर रही,
बल्कि आज पूरा घर घुट­­­ घुट के जी रहा है ।
ये किस समाज मे जन्म दिया माँ ।
जहा मेरे […]

जो दो रुपये मिल जाते साब

By |January 27th, 2014|

जो दो रुपये मिल जाते साब

तो बड़ी मेहर होती साब।

ज्यादा नही बस एक रोटी से ही गुजर जाती ये रात,

जो दो रुपये मिल जाते साब।

साँझ भर से माँगे है

फिर भी कोई ना देवे है।

अब तो बस आप से ही आस है।

जो मेरी बची साँस है

वो आज रात तक कुछ और देर सिहर लेगी।

कल का सवेरा […]

ऐ खुदा तु है कहाँ ?

By |December 5th, 2013|

ऐ खुदा
तु है कहाँ ?
ढुंढे ये जहा।
तेरे नाम पे वो मन्दिर मस्जिद बनवा गया।
है बढ रहा फ़ासला,
लड़ रहा ये जहाँ।
तेरे नाम का जो मजहब दिवार बनवा गया।
अब तो हर दुआ
का भी रास्ता
है अलग हु।
तेरे अर्थ का अलग – अलग मतलब निकाल गया।
तु बस मुरत हुआ
हर दर का ।
अलग सुरत हुआ
हर धर्म का ।
हरकोई लड़े ।
कितने […]

अंजान डगर पर पहला सफ़र

By |October 13th, 2013|

 लंबी दूरी की मेरी पहली सफ़र है।
उपर से ये अनजान डगर है।
पर खुशी की बात ये है कि,
मेरे सामने जो बैठी है उसकि 26 उमर है,
भले ही बात ना हो रही हो ,
पर सामने वो हसीन हमसफ़र है।
लगता है ये मेरे पिछले जन्मों का करम है
जो पापा है संग उसके फिर भी उसे है घुरते,
क्योंकि […]

Bachpan Tu Yad Aaya

By |August 25th, 2013|

 Bachpan ki bachi hai kuchh dhundli chhaya,
jinhe yad kar hai man harsaya,
Bachan tu yaad aaya.
Rat ko nani ki kahani,
Kagji nav niche bahta pani,
khilane me maa ki mehnat,
dhup me na jane ki dadi ki nasihat,
 Ka hai khayal aaya.
 Bachpan tu yaad aaya.
Mati me khelna ,
Mati me letna,
Bhook lagne pe mati  khana,
Maa ke puchne pe karna sau […]