क्यूँकि चच्चा विधायक हैं हमारे….

By |August 24th, 2017|

पप्पुओं जैसी बातें हैं हमरी, छिछोरों जैसे अंदाज़ हैं,

खानदान की आखिरी उम्मीद हैं, जनता के लिए खाज़ हैं,

बुद्धि नाम की हर बीमारी का हम अचूक इलाज है,

हम ही यहाँ के रॉबिनहुड हैं हम ही यहाँ के सरताज है |

हमरे काँपे नाम से कांपे धरती, आसमानों में गूंजे नारे,

क्यूँकि चच्चा विधायक हैं हमारे….

 

छछुंदर जैसी शक्ल है […]

It is Time to End Faux-feminism: Part 1 – The Rohtak Sisters

By |January 11th, 2015|

About 20 days ago, two boys from a small village of Rohtak district of Haryana boarded a bus for the city. They had been selected in the prestigious Indian Army and had to catch a train from Rohtak Railway Station to the place of their pre-scheduled Army training. But fate had decided something else for […]