कर कोशिश दोबारा

By |February 23rd, 2014|

कर कोशिश दोबारा
है वो अजर अमर।
पा ले उसे दोबारा।
रो मत उठ कर कोशिश दोबारा।
रोया है तु
अब हसेगा भी तु।
गिरा है तु
अब उठेगा भी तु दोबारा
रो मत उठ कर कोशिश दोबरा।
रुका था तु चलने के लिये दोबारा।
पथ बदल कर कोशिश दोबारा।
पा लेगा मंजिल तु,
रो मत उठ कर कोशिश दोबारा।

THE WHEEL OF TIME

By |February 17th, 2014|

 

(MODIFIED 3 TIMES IN 5 YEARS)

First edition- 2009

Second edition- 2011
Third edition- 6th January 2014
Passing through the woods of dreams, I came across a glazing fruit hanging from the tree of fate.
I got tempted, wanted to have it.
I threw the stone of luck, it missed.
 I looked for the ladder of cheating, I couldn’t lift it.
Exhausted, I wanted […]

जो दो रुपये मिल जाते साब

By |January 27th, 2014|

जो दो रुपये मिल जाते साब

तो बड़ी मेहर होती साब।

ज्यादा नही बस एक रोटी से ही गुजर जाती ये रात,

जो दो रुपये मिल जाते साब।

साँझ भर से माँगे है

फिर भी कोई ना देवे है।

अब तो बस आप से ही आस है।

जो मेरी बची साँस है

वो आज रात तक कुछ और देर सिहर लेगी।

कल का सवेरा […]

THE UNEXPECTED GIFT

By |January 10th, 2014|

 NOTE: The story doesn’t intend to hurt, discredit, defame or demean the feeling of person or institute or anyone. 
THE UNEXPECTED GIFT
Story begins:
He thinks that he is winning but why, as the minutes, hours and days pass:
He can’t control his frustration,
 As it can derogate his reputation
Friends call him super cool,
But now he had become a proper fool.
27th Dec, In dining […]

ऐ खुदा तु है कहाँ ?

By |December 5th, 2013|

ऐ खुदा
तु है कहाँ ?
ढुंढे ये जहा।
तेरे नाम पे वो मन्दिर मस्जिद बनवा गया।
है बढ रहा फ़ासला,
लड़ रहा ये जहाँ।
तेरे नाम का जो मजहब दिवार बनवा गया।
अब तो हर दुआ
का भी रास्ता
है अलग हु।
तेरे अर्थ का अलग – अलग मतलब निकाल गया।
तु बस मुरत हुआ
हर दर का ।
अलग सुरत हुआ
हर धर्म का ।
हरकोई लड़े ।
कितने […]

SACRIFICE !

By |November 10th, 2013|

Amidst the shadows, was a girl;
Waiting for her bus, her eyes pearl.
Wind blew that stroke my heart,
Causing her face to pin like a dart.
Days past watching her at the same spot,
Seemed like I was tied to her by a virtual knot.
 
Finally, I met her & she accepted my friendship.
As days past, it was on the […]

अंजान डगर पर पहला सफ़र

By |October 13th, 2013|

 लंबी दूरी की मेरी पहली सफ़र है।
उपर से ये अनजान डगर है।
पर खुशी की बात ये है कि,
मेरे सामने जो बैठी है उसकि 26 उमर है,
भले ही बात ना हो रही हो ,
पर सामने वो हसीन हमसफ़र है।
लगता है ये मेरे पिछले जन्मों का करम है
जो पापा है संग उसके फिर भी उसे है घुरते,
क्योंकि […]