सिर्फ मेरे लिये

By |February 22nd, 2013|

लम्हा लम्हा तेरी याद मेरे साथ है
जो हर पल में तेरी और सिर्फ तेरी राह ताकती हूं
और मैं थकु भी सही तो ये निगाहें तेरा इंतजार करती है
उस सुकून के लिये जब इनमें तेरी परछाई नज़र आती हैं
बरस पडता है ये अंबर जब तु मेरे और करीब होता हैं |
फिर जब […]

भटकते युवा

By |January 9th, 2013|

ना जाने इस देश के युवाओं को ये क्या हो रहा है
क्या पता किस कब्र में उनका ज़मीर सो रहा है
कोई फेसबुक पे अटका है कोई नज़रों पे आ लटका है
ये देश खा रहा धूल पर मारे ना कोई फटका है
ऐसा नहीं है की इस देश का हर युवा ही भटका है
कुछ हैं आईआईटी में […]

मोक्ष

By |December 16th, 2012|

अंधकार में बेठे दिल में एक आंह उठी,
उजाले की और जाने की फिर एक चाह उठी|
छोड़ आए हम उन पलो को अन्धकार के साये में,
दिल के अंधकार में उजाले की राह उठी|
दूर कही छोटी सी किवाड़ से उजाला दिखा,
उसी उजाले में उनकी छोटी सी झलक दिखी|
हम बेठे उन अंधकार में धुन्ध्ते फिर,
लेकिन वो तो चल […]

“वो केमिकल वाली”

By |December 13th, 2012|

“वो केमिकल वाली”

जब  उसने मुझे देखा तो लगा ये तो है फोर्स ऑफ अट्रैक्शन

पर जब फोर्स निकला सूडो तो छा गया बस frustration .

फिर भी मैने उस नूर-ए-मोहब्बत पर प्यार लुटाया अटूट
पर जब उसने मेरे प्यार पर चडाया क्यूब-रूट मेरा हर ख्वाब गया टूट.

मैने सोचा कि जब मैथ्स-फिजिक्स फेल तो केमिस्ट्री से ही कोई रिएक्शन बनाऊ
पर […]

इंतजार

By |December 9th, 2012|

तेरे इंतजार मे गाने लगी हूँ मैं, बस यूं ही कोई गीत गुनगुनाने लगी हूँ मैं ।
लगता है अब तो ऐसे बरसों बीत जायेंगे,हम मिलेंगे या नहीं ।
फिर भी बस यूं ही खुद को सजाने लगी हूँ मैं ।
तेरे इंतजार मे गाने लगी हूँ मैं, बस यूं ही कोई गीत गुनगुनाने लगी हूँ मैं ।। 😥
तेरी बातें तेरी यादें हैं बहुत गहरी ,बस यूं ही […]

यारी

By |September 16th, 2012|

सब मिल भी जाए, तो क्या मिल जाए,
सब खो भी जाए , तो क्या खो जाए ,
बस घडी दो घडी यारों के साथ मिल जाए |
होश से कुछ देर होश खो भी जाए तो क्या हो जाए,
भरे हुए महखाने और लाख पैमाने छलक जाए तो क्या हो जाए,
बस दो बूँद शराब […]

!! tum kahaan ho !!

By |August 19th, 2012|

ये जमी , ये तारे
सब चुभते काँटों से सारे , तुम कहाँ हो .
ये बारिशें, ये बूंदे ,
मानो पत्तों से टपकी शर्म से आँखे मूंदे,
तुम कहाँ हो .
ये सुनसान गलियाँ, ये खाली खिड़कियाँ,
बादलों में गरजती बदहवास बिजलियाँ ,
सब बुला रही, तुम कहाँ हो.
ये आँगन तेरे पैरों को ना छुए तो तडपता है,
तेरी […]